बुरहानपुर। भारतीय जनता पार्टी के निर्देशानुसार बिहार के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र में प्रवासी प्रभारी के रूप में दायित्व निभा रहीं विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने बिहार और अलीनगर में भारतीय जनता पार्टी की रिकॉर्ड विजय पर क्षेत्र की जनता के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की है। श्रीमती चिटनिस ने बुरहानपुर के कमल तिराहे पर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ आतिशबाजी कर जीत का जश्न मनाया। इस अवसर पर नेपानगर विधायक सुश्री मंजू दादू, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने, महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, दिलीप श्रॉफ, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, चिंतामन महाजन, बलराज नावानी, वीरेन्द्र तिवारी, नरहरी दीक्षित, कैलाश पारीक एवं गजेन्द्र पाटिल सहित समस्त जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि अलीनगर विधानसभा से एनडीए की लोकप्रिय प्रत्याशी सुश्री मैथिली ठाकुर की प्रचंड जीत ने न केवल मिथिला की जनभावनाओं को अभिव्यक्त किया है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार की नीतियों, सुशासन और विकास के संकल्प को भी दोहराया है। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि यह विजय केवल प्रत्याशी की नहीं, बल्कि अलीनगर की जागरूक जनता द्वारा विकास, स्थिरता और प्रगतिशील राजनीति के पक्ष में दिए गए जनादेश की जीत है। चुनाव प्रचार के दौरान जनता से प्राप्त अपार समर्थन और विश्वास ने ऐतिहासिक परिणाम का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रवासी प्रभारी के रूप में कार्य करते हुए उन्हें मिथिला की धरती पर जनता का स्नेह, सहयोग और समर्पण देखने का अवसर मिला, जिसके लिए वे हृदय की गहराई से आभार प्रकट करती हैं। उन्होंने इसे अपनी राजनीतिक यात्रा का विशेष और प्रेरणादायी अनुभव बताया।श्रीमती अर्चना चिटनिस ने अलीनगर के मतदाताओं, कार्यकर्ताओं, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा सहित सभी एनडीए समर्थकों को इस विजय के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह जीत आने वाले समय में क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निर्णायक साबित होगी। उन्होंने मिथिला की जनता का पुनः धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जीत जनता के विश्वास, प्रेम और विकास के संकल्प की विजय है। बिहार के साथ-साथ अलीनगर ने इतिहास रचा है और हमें नई ऊर्जा दी है।
Author: Raza Khan
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ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल ने ग्राम रायपुरा जिला बुरहानपुर में लगया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर
बुरहानपुर। ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल बुरहानपुर द्वारा 11 नवम्बर, मंगलवार को पंचायत कार्यलय, ग्राम रायपुरा बुरहानपुर में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, जनरल मेडिसिन एवं नेत्र रोग विभाग के स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 35 से अधिक मरीजों ने शिविर का लाभ उठाया।
शिविर में ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. इल्का सिद्दीकी (स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग) डॉ. अकरम खान (जनरल मेडिसिन विभाग), एवं कु. श्रुति द्विवेदी ( नेत्र रोग विभाग) के द्वारा इस मौसम में होने वाली स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का परामर्श दिया गया।
सभी मरीजों को मौसमी विकारों से बचने एवं सुरक्षित रखने की सलाह दी गई। सभी मरीजों का नि:शुल्क जनरल चेकअप, ब्लड प्रेशर एवं ब्लड शुगर की जाँच की गई।
ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के संचालक श्री कबीर चौकसे जी के दिशा निर्देशन में एवं सरपंच श्री भूरा पटेल, ग्राम रायपुरा एवं ऑल इज वेल हॉस्पिटल स्टाफ के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। -

जिलास्तरीय युवा उत्सव में सेवासदन महाविद्यालय प्रथम- समूह नृत्य और गायन में दिखाया कमाल
बुरहानपुर।सेवासदन महाविद्यालय ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब समर्पण, प्रतिभा और अनुशासन एक साथ आते हैं, तो सफलता निश्चित होती है।
दिनांक 11 नवंबर 2025 को आयोजित जिलास्तरीय युवा उत्सव प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम स्थान हासिल किया।
🎭 प्रतियोगिता का आयोजन और उद्देश्य
जिलास्तरीय युवा उत्सव का आयोजन हर वर्ष युवाओं की कला, संस्कृति और संगीत प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया जाता है।
इस वर्ष यह कार्यक्रम सेवासदन महाविद्यालय परिसर में उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं –
- समूह लोक नृत्य
- समूह गायन
- सुगम एकल गायन
- शास्त्रीय गायन
- पाश्चात्य एकल गायन
इन सभी श्रेणियों में सेवासदन महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिससे महाविद्यालय का नाम एक बार फिर जिले में गौरवान्वित हुआ।
🌟 प्रतिभाशाली छात्र जिन्होंने रचा इतिहास
महाविद्यालय की इन प्रतियोगिताओं में अनेक छात्र-छात्राओं ने अपने कला कौशल और अद्भुत प्रस्तुति से निर्णायकों और दर्शकों का दिल जीत लिया।
इन विजेता विद्यार्थियों में प्रमुख रूप से शामिल रहे –🎶 डिम्पल पाटिल, गुंजन महाजन, आरोही आसरकर, चंचल पाटिल, सुष्मिता रावत,
गुंजन चौधरी, रितिका शाह, भूमिका सोनार, कनक कटियारे, आशी कटियारे,
कृतिका चापोरकर, अवन्तिका चौहान, हेमल पटेल और ओम सानी।इन सभी विद्यार्थियों ने न केवल अपनी प्रतिभा से सबका मन मोह लिया, बल्कि बुरहानपुर जिले में सेवासदन महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया।
🎶 गायन और नृत्य की झलकियाँ: जब मंच बना कला का उत्सव

समूह लोक नृत्य
सेवासदन महाविद्यालय की टीम ने भारतीय लोक परंपरा पर आधारित समूह नृत्य प्रस्तुत किया, जिसमें संस्कृति, संगीत और उत्सव की झलक देखने को मिली। रंगीन पोशाकें, तालबद्ध नृत्य और सामूहिक एकता ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समूह गायन
समूह गायन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने देशभक्ति और सामाजिक एकता पर आधारित गीत प्रस्तुत किए। उनकी आवाज़ और तालमेल ने निर्णायकों को प्रभावित किया और टीम ने प्रथम स्थान अर्जित किया।
शास्त्रीय एवं पाश्चात्य गायन
सुगम और शास्त्रीय गायन में विद्यार्थियों ने राग, लय और सुर का ऐसा संगम दिखाया कि दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
वहीं पाश्चात्य गायन में आधुनिक संगीत की झलक के साथ युवा ऊर्जा का जोश दिखाई दिया।
👩🏫 महाविद्यालय प्रशासन और प्रबंधन की शुभकामनाएँ
विद्यार्थियों के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर सेवासदन शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती तारिका वीरेंद्रसिंहजी ठाकुर,
सचिव श्री हसमुखलाल जरीवाला,
मैनेजर श्री मनीष पटेल,
तथा प्राचार्य डाॅ. एस.एम. शकील ने विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी।प्राचार्य डॉ. शकील ने कहा –
“हमारे विद्यार्थी सिर्फ पढ़ाई में नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और कलात्मक गतिविधियों में भी आगे हैं। यह जीत उनकी मेहनत और शिक्षकों के समर्पण का परिणाम है।”
🧑⚖️ निर्णायक मंडल और आयोजन टीम की भूमिका
इस युवा उत्सव में निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे –
श्याम चौधरी और प्रो. यश दुबे।आयोजन को सफल बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई:
- डॉ. सुशील माहेश्वरी (युवा उत्सव प्रभारी)
- प्रो. भरत रावल
- प्रो. कृष्णा बारी
- प्रो. संजय महाजन
- प्रो. विष्णु भारद्वाज
- प्रो. शिवानी मेहता
- प्रो. योगिता महाजन
- प्रो. सिद्धी कानूगो
इन सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और प्रतियोगिता को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराया।
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“मेरा वार्ड मेरा परिवार” अभियान में महाजनापेट वार्ड नंबर 1 के पार्षद भारत इंगले (राजा भाऊ) की पहल
मेरा वार्ड मेरा परिवार की सोच के लेकर चलने वाले महाजनापेट वार्ड नंबर एक के पार्षद राजस्व चेयरमैन भारत इंगले राजा भाऊ ने अपने वार्ड के आंगनवाड़ी कार्यकर्ता BLO के साथ SIR का गणना पत्रक घर घर वितरित कर वार्ड परिवार को SIR की पूर्ण जानकारी से अवगत कराया साथ ही लगने वाले पेपर की भी जानकारी दी
‘मेरा वार्ड मेरा परिवार’ – जिम्मेदार नागरिकता की नई पहचान
राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मेरा वार्ड मेरा परिवार’ पहल का मकसद है —
हर वार्ड में प्रशासन और नागरिकों के बीच मजबूत संवाद स्थापित करना।इस अभियान के तहत पार्षदों को प्रोत्साहित किया जाता है कि वे अपने क्षेत्र में नागरिकों से सीधे संवाद करें, सरकारी योजनाओं की जानकारी दें और समस्याओं का समाधान करें।
भारत इंगले ने बताया:
“वार्ड परिवार की भलाई ही हमारी पहली प्राथमिकता है। इस सोच के साथ हम हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी पहुँचा रहे हैं।”
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बुरहानपुर में भारतीय किसान संघ का हल्ला बोल: लैंड पुलिंग एक्ट को रद्द करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी
बुरहानपुर। मध्यप्रदेश में एक बार फिर किसानों का लैंड पुलिंग एक्ट को रद्द करने को लेकर सब्र टूटता दिखाई दे रहा है।
आज भारतीय किसान संघ (BKS) मालवा प्रांत, बुरहानपुर इकाई ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एडिशनल कलेक्टर वीर सिंह को ज्ञापन सौंपा।इस ज्ञापन में किसानों ने लैंड पुलिंग गजट नोटिफिकेशन को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
साथ ही संगठन ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो 18 नवंबर से उज्जैन में “घेरा डालो, डेरा डालो” आंदोलन शुरू किया जाएगा।
📜 क्या है मामला: क्यों विरोध कर रहे हैं किसान?
भारतीय किसान संघ के नेताओं के मुताबिक, सरकार द्वारा लैंड पुलिंग एक्ट के तहत उज्जैन के सिंहस्थ क्षेत्र (TDS 8, 9, 10, 11) में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है।
किसानों का कहना है कि यह अधिनियम उनकी भूमि, आजीविका और अधिकारों पर सीधा प्रहार है।किसान संघ की प्रमुख मांगें
- मध्यप्रदेश से लैंड पुलिंग एक्ट पूरी तरह समाप्त किया जाए।
- उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र से जारी गजट नोटिफिकेशन (TDS 8, 9, 10, 11) तुरंत रद्द किया जाए।
- सिंहस्थ 2028 का आयोजन पूर्व की तरह किया जाए, बिना किसानों की भूमि लिए।
- किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
📢 ज्ञापन सौंपने के दौरान क्या हुआ?
आज दोपहर किसान ज्योतिबा फुले सब्जी मंडी, बुरहानपुर कार्यालय पर बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता इकट्ठा हुए।
उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी:
- संतोष महाजन – जिला अध्यक्ष, भारतीय किसान संघ
- इंद्रपाल महाजन – जिला मंत्री
- वसंत पाटिल – सह मंत्री
- उत्तम महाजन, राजू प्रजापति, सुभाष पाटिल, भुवान सिंह चौहान, योगेश प्रजापति, उज्जवल पाटिल आदि।
प्रवीण चौधरी (मीडिया प्रभारी) ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“हमारी लड़ाई किसानों की जमीन और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए है। जब तक सरकार लैंड पुलिंग एक्ट खत्म नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।”
🎯 किसान संघ की चेतावनी: 18 नवंबर से बड़ा आंदोलन
भारतीय किसान संघ ने साफ कहा है कि यदि सरकार ने संवाद शुरू नहीं किया या गजट नोटिफिकेशन वापस नहीं लिया,
तो 18 नवंबर से उज्जैन कमिश्नर कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।“घेरा डालो, डेरा डालो” आंदोलन तब तक चलेगा जब तक सरकार किसानों की मांगें नहीं मान लेती।
इस आंदोलन में बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, उज्जैन सहित मालवा प्रांत के 18 जिलों के किसान भाग लेंगे।
🧩 समझिए — क्या है लैंड पुलिंग एक्ट?
लैंड पुलिंग क्या होता है?
सरल शब्दों में, लैंड पुलिंग एक ऐसी योजना है जिसमें किसानों की जमीनें विकास परियोजनाओं के लिए अस्थायी रूप से ली जाती हैं।
सरकार या विकास प्राधिकरण उस जमीन का एक हिस्सा अपने पास रखकर बाकी जमीन को विकसित रूप में किसानों को लौटाता है।किसानों की आपत्ति क्यों?
- किसानों का कहना है कि उन्हें बाजार मूल्य से कम मुआवजा मिलता है।
- जमीन का बड़ा हिस्सा सरकारी उपयोग के लिए रख लिया जाता है।
- भूमि स्वामित्व के अधिकार कमजोर हो जाते हैं।
- योजना में परामर्श और पारदर्शिता की कमी है।
⚖️ किसान नेताओं का तर्क
जिला अध्यक्ष संतोष महाजन ने कहा:
“लैंड पुलिंग एक्ट किसानों की जमीन छीनने का कानून है। यह किसान विरोधी नीति है जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
सह मंत्री वसंत पाटिल ने कहा:
“किसान आज मक्का, सोयाबीन, कपास और केला जैसी फसलों में लागत नहीं निकाल पा रहे हैं। ऊपर से ऐसे कानून उनकी परेशानियाँ और बढ़ा देंगे।”
उनका आरोप है कि सरकार किसानों की आवाज़ को सुनने के बजाय मूकदर्शक बन गई है।
🌾 किसानों की मौजूदा आर्थिक स्थिति
भारत में किसानों की आमदनी पहले ही संकट में है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की रिपोर्ट बताती है कि:- औसत किसान परिवार की मासिक आय ₹10,218 है।
- इसमें से लगभग ₹6,000 खर्च कृषि इनपुट पर ही हो जाते हैं।
- 70% किसान कर्ज में डूबे हुए हैं।
ऐसे में भूमि अधिग्रहण या लैंड पुलिंग जैसी योजनाएँ किसानों के लिए आर्थिक असुरक्षा पैदा करती हैं।
🌐 अन्य राज्यों में भी विवाद
लैंड पुलिंग एक्ट को लेकर केवल मध्यप्रदेश ही नहीं,
बल्कि हरियाणा, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों में भी विरोध हुआ है।- तेलंगाना (2018): किसानों ने अमरावती कैपिटल प्रोजेक्ट में लैंड पुलिंग के खिलाफ आंदोलन किया था।
- हरियाणा: कुछ क्षेत्रों में किसानों ने मुआवजे की दर बढ़ाने की मांग की थी।
इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि यदि संवाद और पारदर्शिता नहीं होगी, तो लैंड पुलिंग का विरोध पूरे देश में बढ़ सकता है।
🏛️ सरकार का रुख
सरकार का कहना है कि लैंड पुलिंग योजना शहरी विकास और अधोसंरचना सुधार के लिए आवश्यक है।
इसके माध्यम से –- सड़कें, पार्क, आवासीय योजनाएँ,
- धार्मिक आयोजन स्थल (जैसे सिंहस्थ),
- और औद्योगिक ज़ोन विकसित किए जा सकते हैं।
लेकिन किसानों का सवाल है:
“अगर विकास किसानों की जमीन और भविष्य की कीमत पर होगा, तो ऐसा विकास किसके लिए?”
🌾 किसान संगठनों का एकजुट होना
यह ध्यान देने योग्य है कि भारतीय किसान संघ के साथ-साथ भारतीय मजदूर संघ (BMS) और अन्य सामाजिक संगठन भी इस आंदोलन के समर्थन में हैं।
किसान संघ ने आज के दिन को संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी जी की जयंती के रूप में मनाया और इसे “किसान एकता दिवस” का रूप दिया।
📈 विशेषज्ञों की राय: समाधान की राह क्या है?
1. भूमि सुधार विशेषज्ञों का सुझाव:
- भूमि अधिग्रहण या लैंड पुलिंग से पहले जनसुनवाई और पारदर्शी मुआवजा नीति लागू की जाए।
- हर किसान को उसकी जमीन के मूल्य के बराबर विकसित भूखंड या शेयर दिया जाए।
2. अर्थशास्त्रियों की राय:
- यदि किसानों को भरोसे में लेकर नीति बनाई जाए, तो लैंड पुलिंग से साझा विकास मॉडल बन सकता है।
- अन्यथा यह सरकार और किसानों के बीच संघर्ष का कारण बनेगा।
📊 लैंड पुलिंग एक्ट: फायदे बनाम नुकसान
पहलू संभावित फायदा किसानों की आशंका विकास योजनाएँ शहरों में योजनाबद्ध विस्तार जमीन का मूल्य घट सकता है मुआवजा मॉडल नकद और भूखंड दोनों रूप में लाभ बाज़ार मूल्य से कम भुगतान भूमि उपयोग बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर परंपरागत खेती का अंत पारदर्शिता GPS आधारित सर्वे निर्णय बिना जनसहमति
🧠 किसानों के लिए सुझाव
- गजट नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें — हर किसान को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी समझनी चाहिए।
- कलेक्टर कार्यालय से संपर्क करें — यदि जमीन प्रभावित क्षेत्र में आती है तो अपने दस्तावेज़ अपडेट रखें।
- कानूनी सलाह लें — भूमि अधिकार अधिवक्ता से राय लें।
- संगठित रहें — आंदोलन शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से करें।
बुरहानपुर में किसानों का आंदोलन सिर्फ एक क्षेत्रीय विरोध नहीं, बल्कि भूमि अधिकारों और कृषि नीति पर बड़ा सवाल है।
लैंड पुलिंग एक्ट पर उठी यह आवाज़ आने वाले दिनों में राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।भारतीय किसान संघ का संदेश साफ है —
“हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसान की जमीन और सम्मान से समझौता नहीं करेंगे।”
यदि सरकार संवाद का रास्ता अपनाती है,
तो यह विवाद सुलझ सकता है और किसान-हितैषी विकास मॉडल बन सकता है।
अन्यथा, 18 नवंबर से शुरू होने वाला आंदोलन प्रदेश की सियासत और नीति दोनों को हिला सकता है।
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ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल ने किया स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 45 से अधिक मरीजों ने लिया लाभ
बुरहानपुर। ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल बुरहानपुर द्वारा 09 नवम्बर रविवार को बुरहानपुर फिजियोथेरेपी एंड पॉली क्लिनिक, गांधी चौक, बुरहानपुर में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, जनरल मेडिसिन एवं नेत्र रोग विभाग के स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 45 से अधिक मरीजों ने शिविर का लाभ उठाया। शिविर में ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. किमाया साली (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) डॉ. जयेश दुबे (जनरल मेडिसिन विभाग), एवं कु. श्रुति द्विवेदी ( नेत्र रोग विभाग) के द्वारा इस मौसम में होने वाली स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का परामर्श दिया गया। सभी मरीजों को मौसमी विकारों से बचने एवं सुरक्षित रखने की सलाह दी। सभी मरीजों का नि:शुल्क जनरल चेकअप, ब्लड प्रेशर एवं ब्लड शुगर की जाँच की गई।
ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के संचालक श्री कबीर चौकसे जी के दिशा निर्देशन में और बुरहानपुर फिजियोथेरेपी एंड पॉली क्लिनिक एवं ऑल इज वेल हॉस्पिटल स्टाफ के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। -

सांसद ज्ञानेश्वर पाटील के नेतृत्व में निकली विशाल एकता पदयात्रा,एक भारत, आत्मनिर्भर भारत’ का दिया संदेश
बुरहानपुर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150 वी जयंती के उपलक्ष में शनिवार को खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील के नेतृत्व में बुरहानपुर विधानसभा के ग्राम लोनी से बहादरपुर तक एक भारत, आत्मनिर्भर भारत’ संदेश के साथ विशाल एकता पदयात्रा निकली। सरदार पटेल जी व बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा प्रारंभ हुई और ग्राम बहादरपुर में सभा के साथ पदयात्रा का समापन हुआ। सांसद पाटील ने इस अवसर पर घोषणा करते हुए कहा कि बुरहानपुर सिंधिबस्ती चौराहा में सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापित की जायेंगी इस पर महापौर प्रतिनिधि के तौर पर पूर्व महापौर श्री अतुल पटेल ने सहमति दी साथ ही कहा कि गुजर भवन के समीप गार्डन का नाम भी सरदार पटेल जी के नाम पर किया जायेगा।

राष्ट्र प्रथम की भावना दिखाई देती है- सांसद
सभा को संबोधित करते हुए सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने कहा की सरदार पटेल जी ने जिस दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रभक्ति से भारत की 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोया था, वही भावना इस एकता पदयात्रा की प्रेरणा है। इन पदयात्राओं का उद्देश्य सरदार पटेल के योगदान से जन-जन को अवगत कराना और युवाओं में राष्ट्रीय एकता की चेतना जगाना है। सरदार पटेल का जीवन राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। उनके विचारों और निर्णयों में सदैव ””राष्ट्र प्रथम”” की भावना दिखाई देती है। पदयात्राएं उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और राष्ट्रीय एकता के सूत्र को मजबूत करेंगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का यह सशक्त प्रयास सरदार पटेल जी के संदेश को जनमानस तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ मनोज माने ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन समर्पण, त्याग और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत संदेश देता है। देश मे निकल रही यह पदयात्राए युवा और समाज को उनके विचारों से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए-दादु
नेपानगर विधायक मंजू दादू ने कहां की सरदार पटेल के कृतित्व और व्यक्तित्व से प्रत्येक युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने भारत के एकीकरण रियासतों का विलय का कार्य कर भारत की एकता को मजबूत किया है। हमारे देश में छोटी-छोटी रियासतों विलीनीकरण कर एक सशक्त भारत बनाने में सरदार पटेल का अमूल्य योगदान रहा है।इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण,पदाधिकारीगण, कार्यकर्तागण,विद्यार्थी,गणमान्यजन,अधिकारी, कर्मचारी आदि मौजूद रहे।




