बुरहानपुर से मक्का मदीना की हज यात्रा पर गए शहर के 8 शिक्षक करीब 46 दिन की हज यात्रा पूरी कर लौटे शनिवार को बुरहानपुर पहुंचे। शासकीय शिक्षकों का उनके परिजनों और मित्रों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। हाजियों की वापसी पर शहर में खुशी का माहौल देखा गया। हज यात्रा से लौटे यात्रियों में इफ्तेखार हुसैन अंसारी, शाहीन अंसारी, रफी अहमद खान, फरीदा खानम, रुखसाना अंसारी, शहजाद हुसैन अंसारी, शाहबाज अंसारी और फराह सिद्दीकी शामिल हैं। हरिरपुरा स्कूल, लोहार मंडी और लोहार मंडी प्राइमरी स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। यात्रियों के हवाई अड्डे से लेकर उनके निवास स्थान तक पहुंचने पर जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। इस दौरान लोगों ने माला पहनाकर और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। हज यात्रा से लौटे शिक्षक इफ्तेखार हुसैन अंसारी ने अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए।
Category: मध्यप्रदेश
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ईद उल-अजहा त्योहार पर पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने किया क्षेत्र का भ्रमण, सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
बुरहानपुर. ईद-उल-जुहा पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने हेतु पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर द्वारा जिले के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों, चौराहों एवं प्रमुख मार्गों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों, ईदगाहों एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। भ्रमण के दौरान चौराहों पर अनावश्यक रूप से भीड़ लगाकर खड़े व्यक्तियों को समझाइश देकर घर भेजा गया तथा निरीक्षण के दौरान केंद्रीय विद्यालय के पास हाईवे पर कुछ व्यक्ति शराब का सेवन करते पाए गए, जिन्हें तत्काल लालबाग थाना भेजा गया। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई।त्योहार के मद्देनजर क्षेत्र में संचालित चार्ली पार्टियों की सक्रियता एवं रिस्पांस टाइम की जांच हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष पॉइंट दिया गया। सूचना मिलते ही चार्ली पार्टी द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर मुस्तैदी से ड्यूटी का निर्वहन किया गया। उत्कृष्ट एवं त्वरित रिस्पांस देने पर आरक्षक क्रमांक 19 अरुण घटे एवं आरक्षक क्रमांक 69 राजीव रघुवंशी को पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
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सीबीएसई 12वीं परिणाम 2026 : क्या ऑन-स्क्रीन मार्किंग ने बदली मेरिट की तस्वीर? चतुर्वेदी- शिक्षाविद
मध्यप्रदेश। वर्ष 2026 में घोषित हुए सीबीएसई कक्षा 12वीं के परिणामों ने शिक्षा जगत में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। इस बार विशेष रूप से विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के परिणाम अपेक्षा से कम देखने को मिले। कई ऐसे छात्र, जिन्होंने जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, वे बोर्ड परीक्षा में 75% का आवश्यक मानदंड भी पूरा नहीं कर सके। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण “ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM)” और “स्टेप मार्किंग” को माना जा रहा है।
सीबीएसई द्वारा इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की गई। बोर्ड का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिरहित बनाना था। परंतु इसका प्रभाव विद्यार्थियों के अंकों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। विशेषकर मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों में छात्रों के अंक अपेक्षाकृत कम आए।
पहले कई बार ऐसा देखा जाता था कि यदि अंतिम उत्तर सही हो, तो विद्यार्थियों को अधिकांश अंक मिल जाते थे। लेकिन इस बार मूल्यांकन में केवल अंतिम उत्तर नहीं, बल्कि हर स्टेप, प्रस्तुतीकरण और उत्तर लिखने की प्रक्रिया को विशेष महत्व दिया गया। जिन छात्रों ने सीधे उत्तर लिखे, फार्मूला नहीं दर्शाया या आवश्यक स्टेप्स छोड़े, उनके अंक कट गए।
इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रभाव उन विद्यार्थियों पर पड़ा जो इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों में प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं। IIT, NIT तथा अन्य प्रमुख संस्थानों में प्रवेश के लिए 75% बोर्ड अंक का मानदंड महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में कई मेधावी छात्र, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल रहे, बोर्ड प्रतिशत के कारण मानसिक दबाव और निराशा का सामना कर रहे हैं।
हालांकि शिक्षा विशेषज्ञों का एक वर्ग इसे सकारात्मक परिवर्तन भी मान रहा है। उनका कहना है कि यह प्रणाली रटने की प्रवृत्ति को कम करेगी और विद्यार्थियों को व्यवस्थित एवं अवधारणात्मक अध्ययन के लिए प्रेरित करेगी। केवल उत्तर याद कर लेना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि समाधान की प्रक्रिया को समझना भी आवश्यक होगा।
दूसरी ओर, अभिभावकों और छात्रों का मानना है कि बोर्ड को इस प्रकार के बड़े बदलावों के लिए पहले से पर्याप्त जागरूकता फैलानी चाहिए थी। यदि छात्रों और शिक्षकों को पहले स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलते, तो परिणाम इतने प्रभावित नहीं होते।
आज आवश्यकता इस बात की है कि विद्यालयों में केवल “सही उत्तर” पर नहीं, बल्कि “सही प्रक्रिया” पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए। विद्यार्थियों को उत्तर लेखन शैली, स्टेप मार्किंग और प्रस्तुतीकरण का नियमित अभ्यास कराया जाना चाहिए।
सीबीएसई का यह नया मूल्यांकन मॉडल भविष्य की शिक्षा प्रणाली की दिशा अवश्य तय कर सकता है, लेकिन इसके साथ छात्रों को उचित मार्गदर्शन और मानसिक सहयोग देना भी उतना ही आवश्यक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक नहीं, बल्कि वास्तविक समझ और संतुलित विकास होना चाहिए। -

ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल बुरहानपुर द्वारा ग्राम देशगाव जिला खरगोन में 12मई को नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
बुरहानपुर। ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल बुरहानपुर द्वारा ग्राम देशगाव तह. भिकनगांव जिला खरगोन में 12मई को नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 40 से अधिक मरीजों ने शिविर का लाभ उठाया। शिविर में ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. अकरम खान (जनरल फिजिशियन) द्वारा संबंधित समस्याओं का परामर्श किया गया। सभी मरीजों को मौसमी विकारों से बचने एवं सुरक्षित रखने की सलाह दी गई। सभी मरीजों का नि:शुल्क जनरल चेकअप एवं ब्लड प्रेशर की जाँच की गई। ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के संचालक श्री कबीर चौकसे जी के दिशा निर्देशन मे एवं सरपंच श्री सुनील भास्करे एवं अनिल राठौड़ के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया।
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संदीप चौरसिया को शिकारपुरा, नीता देअरवाल को मिली कोतवाली थाना की कमान
दोनों थानों के प्रभारी बदले
बुरहानपुर. शहर के दो बड़े थानों में बड़ा बदलाव हुआ है। शिकारपुरा और कोतवाली थाने के प्रभारी बदले गए हैं । कोतवाली थाना प्रभारी नीता देअरवाल और शिकारपुर थाना प्रभारी होंगे संदीप चौरसिया होंगे।
नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल ने द्वारा थाना प्रभारी को थाना क्षेत्र के संबंध में दिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। अपराधिक तत्वों पर सख्त कार्यवाही एवं जनता की शिकायतों एवं लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने, आगामी त्योहारों के लिए तैयारी करने सहित विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा कर कार्यवाही करने हेतु किया निर्देशित।
दिनांक 07.05.2026 को नवागत थाना प्रभारी कोतवाली नीता देअरवाल एवं थाना प्रभारी शिकारपुरा संदीप चौरसिया द्वारा जॉइनिंग उपरांत नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल से की शिष्टाचार भेंट की गई। नगर पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना क्षेत्र के पूर्व पृष्ठभूमि के बारे में बताया गया। साथ ही लंबित अपराध, चालान,लंबित मर्ग, लंबित गुम इंसान, खात्मा, खारजी, मामलों का त्वरित निराकरण करने। समन्स, वारंट की तामिली समय सीमा में करने, सीसीटीएनएस पर रिकॉर्ड अपडेट रखने ,हाई कोर्ट प्रकरणों को प्राथमिकता, यातायात प्रबंधन हेतु बैंक एवं सराफा चेकिंग, कानून व्यवस्था बनाए रखने ,आगामी त्योहारों के लिए तैयारी करने सहित विभिन्न बिंदुओं के संबंध में बताया गया।
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ज्वेलर्स व्यापारी से लूट की वारदात तो खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार, 4 फरार,एक लाख का माल जब्त
बुरहानपुर। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के कुशल मार्गदर्शन में थाना नेपानगर चौकी नावरा क्षेत्र में हुई लूट डकैती को अंजाम देने वाली शातिर गैंग का खुलासा हुआ।
थाना नेपानगर चौकी नावरा में सोनार से की गयी लूट डकैती के 02 आरोपियों को पकड़ने मे सफलता मिली। आरोपीयो के कब्जे से चांदी की 08 नग चूड़िया, 03 जोड़ी चांदी की पायजेब एवं चांदी का कमरबंद का एक छल्ला, चांदी के 12 नग कांटे(लोंग) कुल कीमती करीब 01 लाख 10 हजार रूपयें डकैती का मशरूका तथा घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल जब्त की।
घटना 03.04.2026 को फरियादी रमेश ठाकुर निवासी नेपानगर द्वारा रिपोर्ट किया कि उनकी नेपानगर में सोने चांदी की दुकान है जो प्रति शुक्रवार नावरा बाजार में सोने चांदी की दुकान लगाते है। फरियादी शुक्रवार बाजार के बाद शाम करीब 05.30 बजे उनकी मोटर सायकल से सोने चांदी का सफेद रंग का झोला लेकर मोटर सायकल से नेपानगर आ रहे थे तो रास्ते में डाबियाखेड़ा से थोड़ा आगे सुनसान स्थान पर 05 अज्ञात बदमाशों द्वारा उन्हे डरा धमका कर सोने चांदी का झोला और मोबाईल फोन तथा मोटर सायकल की चाबी छिन लिये थे। फरियादी की रिपोर्ट पर से थाना नेपानगर में अपराध क्रमांक 110/2026 धारा 304(2) 309(4), 310(2), 311, बीएनएस का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर श्री देवेंद्र पाटीदार द्वारा उक्त घटना को गंभीरता से लेकर थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानु जायसवाल एवं चौकी प्रभारी उनि हेमेन्द्र सिंह चौहान को उक्त डकैती की गंभीर घटना की पतारसी हेतु निर्देशित किया था। पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन मे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नेपानगर श्री निर्भयसिंह अलावा के मार्ग दर्शन में चौकी प्रभारी उनि हेमेन्द्र सिंह चौहान द्वारा पुलिस टीम का गठन कर डकैती के आरोपियों की तलाश पतारसी की गई ।
पुलिस चौकी नावरा द्वारा पुलिस टीम का गठन कर घटनास्थल एवं आसपास के सीसीटीव्ही कैमरों देखे गये तथा तकनीकी आधार पर लगातार तलाश पतारसी की गयी, पुराने अपराधियों से तथा संदेहियों से पूछताछ की गयी। पुलिस टीम के लगातार अथक प्रयास पर जानकारी प्राप्त हुयी कि खकनार थाना क्षेत्र का सुरेश सिसोदिया जो पूर्व में लूट के मामले में थाना धारणी में गिरफ्तार हुआ था वह घटना दिनांक को नावरा बाजार में आया था, इस आधार पर सायबर सेल की मदद से संदेही सुरेश सिसोदिया की जानकारी प्राप्त की गयी जिस पर जानकारी प्राप्त हुयी कि सुरेश सिसोदिया एवं हरसिंग जमरे लगातार, बाग टांडा जिला धार क्षेत्र के रायचंद पिता फत्तू सिंग से घटना से पूर्व तथा घटना के पश्चात तक लगातार संपर्क में थे। रायचंद पिता फत्तू सिंग, बाग थाना क्षेत्र जिला धार का शातिर बदमाश है जिसके विरूद्ध पूर्व में लूट डकैती तथा इसी प्रकार के अन्य गंभीर अपराध पंजीबद्ध है। पुलिस टीम द्वारा सुरेश सिसोदिया तथा हरसिंग जमरे को पुछताछ हेतु पुलिस चौकी नावरा लेकर आये । जिनसे लूट के संबंन्ध मे तकनिकी एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से पुछताछ करने पर उनके द्वारा अपराधिक षडयंत्र रचकर, अपने अन्य साथियों रायचंद, रवि, राजू, भाईला के साथ सोनार से लूट कारित करना स्वीकार किया ।
पुलिस चौकी नावरा की टीम द्वारा आरोपीगण *सुरेश पिता गुलाबसिंग सिसोदिया उम्र 41 वर्ष निवासी मोहनगढ़ खकनार* तथा *हरसिंग पिता वेरसिंग जमरे उम्र 35 वर्ष निवासी मोहनगढ़ खकनार* को गिरफ्तार कर आरोपीगण से चांदी की 08 नग चूड़िया, 03 जोड़ी चांदी की पायजेब एवं चांदी का कमरबंद का एक छल्ला, चांदी के 12 नग कांटे(लोंग) कुल कीमती करीब 01 लाख 10 हजार रूपयें का डकैती का मशरूका तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसायकल हीरो सीडी डिलक्स क्रं. MP10MD6792 जप्त करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपीयो से अन्य लूट तथा चोरी की घटनाओ के संबंध मे पूछताछ की जा रही है। *गिरफ्तार आरोपीगण*–1.*सुरेश पिता गुलाबसिंग सिसोदिया उम्र 41 वर्ष निवासी मोहनगढ़ खकनार* 2.*हरसिंग पिता वेरसिंग जमरे उम्र 35 वर्ष निवासी मोहनगढ़ खकनार*
फरार आरोपीगण
–1.*रायचंद पिता फत्तू सिंग निवासी मगरदा थाना बाग़ जिला धार*2.*रवि 3.राजू 4.भाईला निवासी जिला धार*
सराहनीय योगदान
चौकी प्रभारी नावरा उनि हेमेन्द्र सिंह चौहान, प्रआर सुभाष मोरे, प्रआर संदीप पटेल, प्रआर दीपक राजपूत, आर संदीप वानखेडे,साइबर सेल से आर. दुर्गेश पटेल ,ललित चौहान सैनिक सुनील मगरे एवं सैनिक मन्नुलाल का सराहनीय योगदान रहा है।
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संघर्ष बनाम दिखावा: बदलते मूल्यों के बीच खड़ा समाज – चतुर्वेदी
आज का समाज एक ऐसे संवेदनशील दौर से गुजर रहा है, जहाँ परंपरागत मूल्यों और आधुनिक जीवनशैली के बीच गहरा टकराव साफ़ दिखाई देने लगा है। एक ओर वह पीढ़ी है, जिसने अपने जीवन का हर पल संघर्ष और जिम्मेदारियों के साथ जिया—और दूसरी ओर वह नई दुनिया है, जहाँ सफलता का मापदंड मेहनत नहीं, बल्कि दिखावा और आभासी पहचान बनता जा रहा है।
ग्रामीण और छोटे कस्बों से लेकर महानगरों तक, एक आम दृश्य उभरकर सामने आता है—एक पिता, जो वर्षों तक अपने परिवार के लिए दिन-रात मेहनत करता रहा। धूप में तपकर, बारिश में भीगकर, कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों से कभी पीछे नहीं हटता। वह अपनी इच्छाओं को त्यागकर अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने में लगा रहता है। उसके लिए उसकी खुशी, उसकी पहचान, उसके बच्चों की सफलता में ही निहित होती है।
किन्तु बदलते समय के साथ सामाजिक प्राथमिकताएँ भी तेजी से बदल रही हैं। आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया ने जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है। अब पहचान का आधार कर्म नहीं, बल्कि दिखावा बनता जा रहा है। “लाइक्स”, “फॉलोअर्स” और “वायरल ट्रेंड” ने वास्तविक मूल्यों की जगह ले ली है। ऐसे में त्याग, अनुशासन और संस्कार जैसे शब्द धीरे-धीरे पीछे छूटते नजर आते हैं।
समाजशास्त्रियों का मानना है कि यह परिवर्तन केवल व्यवहार का नहीं, बल्कि सोच का भी बदलाव है। नई पीढ़ी आधुनिकता की ओर तेजी से अग्रसर है, जो स्वाभाविक भी है, लेकिन इस प्रक्रिया में यदि मूलभूत संस्कार और पारिवारिक मूल्यों की अनदेखी होती है, तो यह चिंता का विषय बन जाता है।
एक चिंताजनक पहलू यह भी है कि जिस पिता ने अपने बच्चों को आत्मसम्मान और संघर्ष का पाठ पढ़ाया, वही आज कहीं न कहीं अपने ही घर में उपेक्षित महसूस करता है। उसकी मेहनत, उसके सिद्धांत, और उसके द्वारा दिए गए संस्कार, आज की दिखावटी दुनिया में कमतर आंके जाने लगे हैं। यह स्थिति न केवल पारिवारिक संतुलन को प्रभावित करती है, बल्कि समाज की जड़ों को भी कमजोर करती है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि समाज की मजबूती केवल आर्थिक प्रगति से नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों से होती है। यदि आने वाली पीढ़ी इन मूल्यों को नहीं समझेगी, तो विकास अधूरा रह जाएगा।
आज आवश्यकता है आत्ममंथन की—यह सोचने की कि क्या हम वास्तव में प्रगति कर रहे हैं, या केवल दिखावे के पीछे भाग रहे हैं? क्या हम उस पीढ़ी के त्याग और संघर्ष का सम्मान कर पा रहे हैं, जिसने हमारे लिए अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी?
अंततः यह समझना होगा कि—
जिस घर की नींव पिता के पसीने और त्याग से बनी हो, उसकी गरिमा दिखावे से नहीं, बल्कि संस्कारों और सम्मान से सुरक्षित रहती है।
समाज के प्रत्येक वर्ग को यह सुनिश्चित करना होगा कि आधुनिकता के साथ-साथ मूल्यों का संतुलन भी बना रहे। तभी एक स्वस्थ, सशक्त और संवेदनशील समाज का निर्माण संभव हो सकेगा। -

ग्राम पंचायत सिरपुर में स्वास्थ शिविर में,एचआईवी, सिफलिस, टीबी की जांच कर लोगो को जागरूक किया
बुरहानपुर। कलेक्टर श्री हर्ष सिंह के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बुरहानपुर डॉ राजेन्द्र कुमार वर्मा के आदेशानुसार जिले में 100 दिवसीय विशेष टीबी मुक्त भारत अभियान ग्राम पंचायत सिरपुर में निक्षय शिविर आयोजित किया गए। जिसमें जोखिम जनसंख्या की टीबी स्क्रीनिंग,चेस्ट एक्स रे,बलगम सैंपल,एचआईवी जांच,शुगर,बीपी,बॉडी इंडेक्स मास जांच की गई। सीएमएचओ डॉ राजेन्द्र कुमार वर्मा जी के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य उच्च जोखिम वर्ग वाली जनसंख्या जैसे पूर्व में टीबी का ईलाज लिए व्यक्ति,टीबी मरीज के घर के सदस्य एवं संपर्क में आए व्यक्तियों,धूम्रपान/शराब का सेवन करने वाले,60 साल से अधिक उम्र, मधुमेह/शुगर,एचआईवी संक्रमण,जोखिम समूह में कार्य करने वाले लोग आदि में टीबी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए शीघ्र जांच एवं शीघ्र इलाज के आधार पर शिविर आयोजित कर सभी लोगों के चेस्ट एक्स रे एवं बलगम जांच किया जा रहा है। टीबी के इलाज में उचित प्रोटीन युक्त पोषण आहार महत्वपूर्ण होता है अतःकोई भी व्यक्ति निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान कर सकता है। टीबी को फैलने से रोकने के लिए खांसते छींकते समय मुंह पर कपड़ा लगाएं, खुले में ना थूंके और मास्क का प्रयोग जैसी आदतें अपनाई जानी चाहिए। साथ ही टीबी का ईलाज बीच मे न छोड़े और उचित खानपान से टीबी से ठीक हो सकते है अगर किसी को लगातार खांसी,बुखार,वजन कम होना,बलगम में खून आना,भूख न लगना आदि लक्षण हैं तो नजदीकी स्वास्थ केंद्र पर बलगम जांच कराए। शिविर में पूनम पाल रेडियोग्राफर द्वारा चेस्ट एक्स रे किए गए,एसटीएस राजू राठौड़ ने शिविर में आए लोगो को टीबी के प्रमुख लक्षण के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी है l खकनार अस्पताल के आईसीटीसी परामर्शदाता हरलाल सिसोदिया ने एचआईवी,एड्स सिफिलिस की जांच करके उपस्थित लोगों को लक्षण और कारणों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी है l परामर्शदाता सिसोदिया ने जागरुक किया की आप इन गंभीर बीमारियों की जांच नजदीक की आईसीटीसी केंद्र पर समय समय पर इनकी जांच करवाना जरूरी बताया है l सेक्टर सुपरवाइजर रूमालसिंह डुडवे ने शिविर में आए लोगो को बीमारियो से जागरूक किया शिविर में,मरीजों की सामान्य रूटीन की जांच की गई। ग्राम पंचायत सिरपुर की आशा सहयोगिनी ज्योति रोड़े आशा कार्यकर्ता श्रीमति कृष्णा राठौड़, नजमा शिविर में उपस्थित थी l
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बाबा साहेब का अपमान नहीं सहेंगे अंबेडकरवादी :- भीम सेना जिला शाखा बुरहानपुर
बुरहानपुर। भीम सेना जिला अध्यक्ष सचिन गाढ़े द्वारा बताया गया कि बुरहानपुर जिले के ग्राम अडगांव में विगत रात्रि शरारती तत्वों द्वारा परम पूज्य भारत रत्न डॉ.बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर जी के फ्लेक्स (बैनर) के साथ छेड़खानी करते हुए क्षति पहुंचाई गई जिससे आंबेडकर अनुयायियों में काफी रोष उत्पन्न हुआ नाराज समाजजनों ने थाना शाहपुर का घेराव किया थाना प्रभारी शाहपुर द्वारा मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई आशंका के आधार पर एक व्यक्ति से पूछताछ जारी है , थाना प्रभारी द्वारा आश्वासन दिया गया है कि समस्त सीसीटीवी फुटेजों को अभिरक्षा में लेते हुए विवेचना गंभीरता से की जाएगी तथा जो भी इसमें दोषी पाया जाता है उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी समाज जनों द्वारा अल्टीमेटम दिया गया है कि विगत दो दिवस के अंदर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो वह आंदोलन के लिए तत्पर है किसी भी हालत में बाबा साहब के अपमान करने वालों बक्शा नहीं जायेगा इस धरना प्रदर्शन में भारी संख्या में ग्राम अड़गाव के आंबेडकर अनुयाई, भीम सेना के समस्त कार्यकर्ता, आकाश गायकवाड,सोनू मोरे, सिद्धार्थ गाढ़े अन्य सामाजिक साथी उपस्थित रहे।
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ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल, बुरहानपुर द्वारा खरगोन में निःशुल्क मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी रोग तथा मूत्र एवं किडनी रोग स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल, बुरहानपुर द्वारा दिनांक 17 अप्रैल (शुक्रवार) को चार्विक मेडिकल, खरगोन में निःशुल्क मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी रोग तथा मूत्र एवं किडनी रोग स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 80 से अधिक मरीजों ने भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
शिविर के दौरान अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. प्रवीण बोर्डे (मस्तिष्क एवं रीढ़ रोग विशेषज्ञ), डॉ. प्रशांत खेरनार (मूत्र एवं किडनी रोग विशेषज्ञ) एवं डॉ. अकरम खान (जनरल फिजिशियन) द्वारा संबंधित बीमारियों के उपचार एवं आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तृत परामर्श प्रदान किया गया। शिविर में सभी मरीजों का निःशुल्क सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर सहित अन्य आवश्यक जांचें की गईं। यह स्वास्थ्य शिविर ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के संचालक श्री कबीर चौकसे जी के मार्गदर्शन में तथा चार्विक मेडिकल एवं डॉ. शालवीन राव, डॉ. गौरव पाटीदार, डॉ. रितेश गुर्जर के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
