बुरहानपुर हेरिटेज वॉक का सफल आयोजन, ऐतिहासिक धरोहरों से हुआ साक्षात्कार

बुरहानपुर। दारुस्सुरूर एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी, बुरहानपुर (रजिस्टर्ड) के स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 अप्रैल, रविवार को “बुरहानपुर हेरिटेज वॉक” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत सुबह 10 बजे शनवारा स्थित शौकत मैदान से हुई, जिसमें शहर के युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जागरूक नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस हेरिटेज वॉक का उद्देश्य बुरहानपुर की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से लोगों को परिचित कराना तथा विशेष रूप से युवाओं में इतिहास के प्रति रुचि जागृत करना रहा। यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने शहर की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों शाही जामा मस्जिद, जनता हमाम, पाईंन बाग और आहू खाना का भ्रमण किया और उनके इतिहास, स्थापत्य कला एवं महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
पूरे कार्यक्रम का संचालन अनुभवी गाइड्स मोहम्मद नौशाद सर और हरीस अंसारी सर के मार्गदर्शन में किया गया, जिन्होंने प्रत्येक स्थल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को रोचक और ज्ञानवर्धक तरीके से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने अनुशासन के साथ काफिले में चलते हुए सभी नियमों का पालन किया तथा ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता और सम्मान का विशेष ध्यान रखा।
इस अवसर पर आयोजकों ने अपने विचार भी व्यक्त किए।
मोहम्मद नौशाद सर ने कहा, “बुरहानपुर की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।”
हारिस अंसारी सर ने अपने संदेश में कहा, “हमारा उद्देश्य केवल भ्रमण कराना नहीं, बल्कि इतिहास को समझने और उससे सीखने की प्रेरणा देना है। हमें उम्मीद है कि ऐसे कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित होते रहेंगे।”
संस्था के चेयरमैन तनवीर रज़ा बरकाती ने कहा, “दारुस्सुरूर सोसाइटी पिछले 10 वर्षों से सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में कार्यरत है। यह हेरिटेज वॉक हमारी उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे समाज में जागरूकता और अपने शहर के प्रति जुड़ाव बढ़े।”
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसे और आयोजनों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। यह हेरिटेज वॉक न केवल एक यात्रा रही, बल्कि बुरहानपुर की ऐतिहासिक आत्मा से जुड़ने का एक यादगार अनुभव भी साबित हुआ। कार्यक्रम का समापन राजघाट पर हुआ, इस अवसर पर मास्टर ऐजाज़ राही, डॉ. यूसुफ खान, डॉ. अल्ताफ अंसारी, प्रो. रफीक अंसारी, पार्षद ज़हीर अब्बास, राजि़क हुसैन, मास्टर उबैदु रहमान, मास्टर इरफ़ान अंसारी आदि मोजूद थे।

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