बुरहानपुर। मानवता को समर्पित संस्था ख़ुशी के पल द्वारा बच्चों की परीक्षा को देखते हुए शिक्षा सामग्री का वितरण लोधीपुरा स्थित स्कूल के बच्चों को किया गया है जिस उन्हें परीक्षा में दिक़्क़त ना हो यह जानकारी संस्था की संयोजिका श्रीमती हरप्रीत कीर ने दी उन्होंने आगे बताया कि परीक्षा के समय बच्चो को तनाव रहता है साथ साथ परीक्षा में कई चीज़ों की आवश्यकता बच्चों को पड़ती है जैसे कि रजिस्टर, पेंसिल ,कंपोज़ ,पेन इत्यादि इसी को देखते हुए ख़ुशी के पल संस्था द्वारा 150 बच्चों को यह सामग्री दी गई ताकी वे अपना पूरा ध्यान पढ़ाई में दे और सामग्री की चिंता ना करे।
संस्थ द्वारा समय समय पर ऐसे जरूरतमंदों की पूर्ति की जा रही है और बच्चों को सामाग्री मिलने पर अत्यंत ख़ुश हुए एव उन्होंने संस्था का आभार माना संस्था द्वारा उन्हें स्वल्पाहार भी करवाया गया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की इस अवसर पर ख़ुशी के पल संस्था की सदस्य श्रीमती रिचा सलुजा,दीपिका तारकस, ऊषा माहेश्वरी, वर्षा अग्रवाल ,वर्षा बत्रा एव स्कूल स्टाफ़ आदि उपस्थित थे
Category: समाज सेवा
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ख़ुशी के पल संस्थान ने बच्चों को दी परीक्षा हेतु सामग्री
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सेवासदन विधि महाविद्यालय द्वारा मनाया गया संविधान दिवस
बुरहानपुर। सेवासदन विधि महाविद्यालय में संविधान दिवस बडे ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। संविधान दिवस समारोह में कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवासदन शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती तारिका वीरेन्द्रसिंहजी ठाकुर ने की एवं मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रेमदीप साकला (सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिरण बुरहानपुर), विशेष अतिथि समिति सचिव श्री हसमुखलाल जरीवाला, सहसचिव श्री के.डी. पटेल, मैनेजर श्री मनीष पटेल एवं सेवासदन महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. एस.एम. शकील की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन किया गया एवं विधि महाविद्यालय की छात्राओं कु. विशाखा पवार, गायत्री ठाकरे, दिव्या मौर्य एवं दिव्या सिरसाट ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। सेवासदन विधि महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. मोहनलाल सोनी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया एवं संविधान दिवस पर भारतीय संविधान की उद्देशिका पर प्रकाश डालकर शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा पारिवारिक झगडे एवं तलाक की संभावना पर नुक्कड नाटक तथा मूल अधिकारों व मानसिक स्वास्थ्य पर चार्ट प्रेजेेंटेंशन भी प्रस्तुत किये।
इस अवसर सेवासदन शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती तारिका वीरेन्द्रसिंह ठाकुर ने संविधान दिवस के अवसर पर समस्त स्टाॅफ एवं विद्यार्थियों को बधाई देते हुये संविधान की महत्ता को बताया साथ ही श्रम विधि पर बने नये कानून की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि श्री प्रेमदीप साकला जी ने कहा कि संविधान दिवस के मनाने का उद्देश्य, अधिकार व कर्तव्यों के बारे में सभी को अवगत कराया एवं कानून संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. हनी सूर्यवंशी ने किया एवं आभार प्रो. वैशाली गुप्ता। सेवासदन महाविद्यालय के डाॅ. मनीष भट्ट, डाॅ. हर्षद दीक्षित, डाॅ. अनीष पटेल, डाॅ. राजेश काले, विधि महाविद्यालय के प्रो. शेरसिंह पवार, प्रो. रूचि पचैरी, प्रो. पीयुष मोदी, प्रो. देवेन्द्र कुमार चैहान एवं बडी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। -

लायंस क्लब ट्रस्ट द्वारा भोजन सेवा केन्द्र शुभारंभ
बुरहानपुर। लायंस क्लब ट्रस्ट, बुरहानपुर द्वारा शहर के पुष्पक बस स्टेंड पर यात्रियों व जनमानस कीे सुविधा हेतु भोजन सेवा केन्द्र का शुभारंभ श्री प्रकाश मेहता द्वारा रिबिन काटकर किया गया। इस अवसर पर लायंस क्लब ट्रस्ट के अध्यक्ष ला. डाॅ. आई.एल. मूंदडा ने बताया कि इस भोजन सेवा केन्द्र के प्रारंभ होने से यात्रियों एवं जनमानस कों मात्र 20 रूपये में खिचडी और कढी की थाली मिल सकेगी और यह भोजन सेवा केन्द्र प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चालु रहेगा जिसका लाभ उठाया जा सकेगा।
इस शुभारंभ अवसर पर बुरहानपुर के पूर्व विधायक एवं लायंस क्लब ट्रस्ट संरक्षक ठा. सुरेन्द्रसिंहजी, उपाध्यक्ष ला. श्रीमती तारिकासिंह ठाकुर, ला. सच्चानंद दुम्बवानी, सचिव ला. मनीष पटेल, सदस्य ला. डाॅ. एस.एम. तारिक सहित लायंस क्लब के अध्यक्ष लायन मुकेश देवडा, सचिव ला. ऐजाज गफ्फार खान, कोषाध्यक्ष ला. पुष्पा मूंदडा, ला. डाॅ. राजेन्द्र चापोरकर, ला. आजम राही, ला. सुशील माहेष्वरी, ला. मोहनलाल सोनी, श्री आलोक मिश्रा सहित अन्य साथी उपस्थित रहे। इस भोजन सेवा केन्द्र का संचालन ला. मिलिंद चैधरी द्वारा किया जायेगा। -

नारी शक्ति सेवा संस्था ने लगाया रक्तदान शिविर, संस्था की महिलाओं ने जिला अस्पताल में किया रक्तदान
बुरहानपुर। विप्र नारी शक्ति सेवा संस्था की संस्थापिका श्रीमती प्रमिला कैलाश शर्मा जी के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर आज विप्र नारी शक्ति सेवा संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती गौरी दिनेश शर्मा, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष डॉ अनुपमा दीक्षित, मंजूषा केलकर द्वारा बुरहानपुर गवर्नमेंट हॉस्पिटल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था जिसमें विप्र नारी शक्ति सेवा संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती गौरी दिनेश शर्मा एवं सभी बुरहानपुर विप्र नारी की पदाधिकारियों द्वारा बढ़-चढ़कर रक्तदान महादान में हिस्सा लिया गया
रक्तदान शिविर में विशेष याने जागरूक विप्र समाज की बाईस से अधिक महिलाओं ने रक्तदान किया कई महिलाओं ने पहली बार रक्तदान किया और बोहोत सुखद अनुभव व्यक्त किए और आज बुरहानपुर की बहनों के साथ रक्तदान में शाहपुर अध्यक्ष बहन साधना तिवारी और एक बहन रेवर सेपंचशीला लाटे आई और प्रथम बार रक्त दान किया एवं संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरी शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी पायल अवस्थी,बुरहानपुर अध्यक्ष आशा तिवारी, आशा डोंगरे, श्रुति सिंग,निशा तिवारी,नूतन दुबे,पुष्पा चौबे,अमिता शुक्ला,वीणा सांगलीकर, सिमा चौबे, प्राणोती सोनी, निंजा सेठिया ममता मिश्रा, श्रुति मिश्रा,कविता तिवारी, विभा तिवारी, काजल कुशवाह रेखा शर्मा, रितु उपाध्याय,सुनीता शर्मा,नीतू सोमैया, अंजली वर्मा, सविता चौहान आदि उपथित थे और रक्तदान किया डॉक्टर साहब और हॉस्पिटल प्रबंधन का सम्पूर्ण सहयोग के लिए उनका धन्यवाद। -

आत्महत्या नहीं, आत्मविश्वास अपनाओ” — बुरहानपुर में मानसिक स्वास्थ्य पर मनकक्ष टीम का प्रेरणादायक अभियान
बुरहानपुर (म.प्र.)। मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय बुरहानपुर के मनकक्ष विभाग द्वारा 11 नवंबर 2025 को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पुरुषार्थी वार्ड, बुरहानपुर में विद्यार्थियों के बीच आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य था —“हर छात्र-छात्रा के मन में आत्मविश्वास जगाना और जीवन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना।”
🎯 कार्यक्रम का उद्देश्य: मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और आत्महत्या की रोकथाम
मनकक्ष टीम का यह अभियान एक गहरी सोच पर आधारित था —
“आत्महत्या नहीं, आत्मविश्वास अपनाओ।”
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य था:
- विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाना।
- तनाव प्रबंधन के उपाय सिखाना।
- सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना।
- आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के लिए समाधानपरक दृष्टिकोण सिखाना।
🩺 मानसिक स्वास्थ्य पर मार्गदर्शन — डॉक्टर करीम और टीम का प्रेरक संवाद
कार्यक्रम में डॉ. करीम (जिला चिकित्सालय, बुरहानपुर) एवं मनकक्ष विभाग की विशेषज्ञ टीम ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए बताया कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही आवश्यक है जितना शारीरिक स्वास्थ्य।
उन्होंने कहा —
“मन की स्थिरता, आत्म-विश्वास और संवाद — ये तीन स्तंभ हैं जो हर व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं।”
टीम ने यह भी समझाया कि परीक्षा का तनाव, असफलता का डर या पारिवारिक दबाव जैसी स्थितियाँ अस्थायी होती हैं, लेकिन जीवन अनमोल है।
🎬 शॉर्ट फिल्म के माध्यम से संदेश — हर समस्या का समाधान संभव है
विद्यार्थियों को एक प्रेरक शॉर्ट फिल्म दिखाई गई, जिसमें वास्तविक घटनाओं पर आधारित उदाहरणों से यह समझाया गया कि —
“कोई भी परिस्थिति इतनी बड़ी नहीं होती कि उसका समाधान न मिले।”
फिल्म का संदेश था —
“जीवन की हर चुनौती का जवाब है संवाद, आत्मविश्वास और मदद मांगने का साहस।”

📱 मनहीत ऐप और ‘टेली मानस’ सेवा की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि अगर वे मानसिक तनाव या उदासी महसूस करें, तो वे तुरंत ‘मनहीत ऐप’ के माध्यम से या हेल्पलाइन नंबर 14416 पर कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
साथ ही उन्हें ‘टेली मानस (Tele MANAS)’ सेवा के बारे में जानकारी दी गई —
यह सेवा निःशुल्क मानसिक परामर्श (Free Counselling) प्रदान करती है, जिससे किसी भी छात्र-छात्रा को घर बैठे सहायता मिल सकती है।
📚 परीक्षा तैयारी के लिए मानसिक स्वास्थ्य टिप्स
मनकक्ष टीम ने विद्यार्थियों को परीक्षा के समय मनोबल बनाए रखने के लिए उपयोगी सुझाव भी दिए:
- 📅 नियमित अध्ययन करें — आखिरी समय पर पढ़ाई करने से तनाव बढ़ता है।
- 🕰️ समय प्रबंधन करें — हर विषय को संतुलित समय दें।
- 💭 सकारात्मक सोच रखें — “मैं कर सकता/सकती हूँ” यह मंत्र अपनाएँ।
- 🧘♀️ योग और ध्यान करें — मन को स्थिर करने का सर्वोत्तम उपाय।
- 💬 परिवार और मित्रों से बात करें — तनाव को अकेले न झेलें।
👩⚕️ किशोर स्वास्थ्य एवं माहवारी स्वच्छता पर भी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम और माहवारी स्वच्छता (Menstrual Hygiene) के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।
उन्हें समझाया गया कि साफ-सफाई और सही आदतें न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक संतुलन के लिए भी आवश्यक हैं।
🧩 मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण और शिक्षकों की भूमिका
कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण (Screening) किया गया ताकि जरूरतमंद विद्यार्थियों को उचित परामर्श मिल सके।
साथ ही शिक्षकों को बताया गया कि काउंसलिंग सेल कैसे विद्यार्थियों के मानसिक संतुलन में मदद कर सकता है।
“हर शिक्षक एक मार्गदर्शक होता है, जो छात्र के मनोभाव को समझकर उसे सही दिशा दे सकता है।”
👨🏫 विद्यालय परिवार की सहभागिता
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय सर, सभी शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विद्यालय प्रशासन ने मनकक्ष टीम का धन्यवाद करते हुए कहा —“ऐसे कार्यक्रम हमारे विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों से जूझने की क्षमता देते हैं।”
🌼 जीवन के प्रति सकारात्मक सोच का संदेश
डॉ. करीम ने विद्यार्थियों से कहा —
“हर जीवन की कीमत है। कभी खुद पर से विश्वास मत खोना।
असफलता जीवन का अंत नहीं, बल्कि सीखने का अवसर है।”इस भावनात्मक संदेश ने उपस्थित सभी छात्रों को गहराई से प्रभावित किया।
🔍 कार्यक्रम का सामाजिक प्रभाव
मानदंड विवरण Experience (अनुभव) मनकक्ष टीम ने वास्तविक केस स्टडी और संवाद के ज़रिए छात्रों से जुड़ाव बनाया। Expertise (विशेषज्ञता) मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक और व्यवहारिक दृष्टिकोण से समझाया। Authoritativeness (अधिकारिता) कार्यक्रम जिला चिकित्सालय बुरहानपुर द्वारा आयोजित, जो इसे विश्वसनीय बनाता है। Trustworthiness (विश्वसनीयता) सरकारी हेल्पलाइन और निःशुल्क सेवाओं की जानकारी देकर छात्रों में भरोसा बढ़ाया गया।
💬 छात्रों की प्रतिक्रियाएँ
कई विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के बाद अपने अनुभव साझा किए —
“पहली बार समझ आया कि तनाव सामान्य है, लेकिन इसे संभालना ज़रूरी है।”
“अब मुझे पता है कि मदद मांगना कमजोरी नहीं, समझदारी है।” -

गुड टच–बैड टच” से लेकर साइबर क्राइम तक — बच्चों को सिखाई आत्म-सुरक्षा की सीख
बुरहानपुर (म.प्र.)। महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में प्रदेशभर में “मुस्कान विशेष अभियान” संचालित किया जा रहा है।
इसी कड़ी में 12 नवंबर 2025 को थाना शाहपुर के अंतर्गत सीताबाई रामचंद्र देशमुख सांदीपनी विद्यालय शाहपुर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बुरहानपुर पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार ने स्वयं बच्चों से संवाद किया।
🌼 अभियान का उद्देश्य: गुम बालिकाओं की दस्तयाबी और सामाजिक जागरूकता
“मुस्कान विशेष अभियान” का उद्देश्य सिर्फ गुमशुदा बालिकाओं को ढूंढना नहीं है, बल्कि शिक्षा और संवाद के माध्यम से बच्चों व महिलाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना भी है।
यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2025 तक पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है।मुख्य उद्देश्य हैं —
- गुमशुदा बालिकाओं की खोज और पुनर्वास
- महिला एवं बाल सुरक्षा पर संवाद
- साइबर अपराधों से बच्चों को सचेत करना
- स्कूलों में जाकर अभिभावकों और शिक्षकों को भी जागरूक करना
🏫 सीताबाई रामचंद्र देशमुख सांदीपनी विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम की झलक
बुरहानपुर जिले में इस अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार कर रहे हैं।
उनके निर्देशन में शाहपुर के इस विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों बच्चे, शिक्षक और अधिकारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
- श्री देवेंद्र पाटीदार, पुलिस अधीक्षक, बुरहानपुर
- डीएसपी प्रीतम सिंह ठाकुर
- थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा
- संदीप (पुलिस अधिकारी)
- विद्यालय के प्राचार्य अतीक अली, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ
👧 बच्चों से संवाद: सुरक्षा और आत्मविश्वास पर खुली चर्चा
पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार ने बच्चों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें बताया कि —
“सुरक्षा सिर्फ बाहरी नहीं होती, बल्कि यह आत्म-जागरूकता से शुरू होती है।
हर बच्चा अपने अधिकारों को जाने और समझे — यही हमारी जिम्मेदारी है।”उन्होंने बच्चों को दिए ये महत्वपूर्ण सुझाव:
- गुड टच और बैड टच की पहचान करना सीखें।
- किसी भी असहज स्थिति में तुरंत माता-पिता, शिक्षक या पुलिस से संपर्क करें।
- साइबर बुलिंग या ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए अजनबियों से चैट या लिंक शेयर न करें।
- हेल्पलाइन नंबर 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा), और 181 (महिला हेल्पलाइन) हमेशा याद रखें।
🎥 शॉर्ट फिल्म के माध्यम से दिया गया संदेश
बच्चों को सुरक्षा और सायबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम में एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई।
इस फिल्म में वास्तविक घटनाओं के उदाहरण देकर बताया गया कि किस प्रकार छोटी सी जागरूकता बड़ी घटनाओं को टाल सकती है।फिल्म देखने के बाद बच्चों ने प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर स्वयं एसपी देवेंद्र पाटीदार ने दिया।
यह संवाद सत्र बच्चों के लिए बेहद प्रेरणादायक रहा।
💬 पुलिस अधीक्षक ने कहा — “शिक्षा ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री पाटीदार ने कहा:
“अगर बच्चे शिक्षित और जागरूक होंगे, तो समाज में अपराध खुद-ब-खुद कम होंगे।
मुस्कान अभियान का उद्देश्य है कि हर बच्चा मुस्कुराए, सुरक्षित रहे और आत्मनिर्भर बने।”उन्होंने बताया कि मुस्कान विशेष अभियान के तहत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पूरे महीने ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।
🧑🏫 विद्यालय परिवार की सहभागिता और सराहना
विद्यालय के प्राचार्य अतीक अली ने पुलिस विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि —
“इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें समाज में सही-गलत की पहचान करने में मदद करते हैं।”
विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने कहा कि ऐसे सत्र विद्यालयों में नियमित रूप से होने चाहिए ताकि सुरक्षा संबंधी विषयों पर खुलकर बातचीत हो सके।
🌐 साइबर अपराधों से बचाव के लिए पुलिस द्वारा दिए गए प्रमुख सुझाव
डिजिटल युग में बच्चे सबसे अधिक ऑनलाइन खतरों का सामना करते हैं।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने निम्न बिंदुओं पर विशेष रूप से ध्यान दिलाया:- अजनबियों से चैट या फोटो शेयर न करें।
- OTP या पासवर्ड किसी को न बताएं।
- सोशल मीडिया अकाउंट पर गोपनीयता सेटिंग्स अपडेट रखें।
- किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
- साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
👩👧 महिला सुरक्षा — परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी
महिला सुरक्षा सिर्फ पुलिस या प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि बच्चों को घर और स्कूल दोनों जगह खुला वातावरण और भरोसेमंद संवाद मिलना चाहिए।माता-पिता को सलाह दी गई कि वे बच्चों से खुलकर बात करें, उन्हें सुनें और उनकी भावनाओं को समझें।
📍 मुस्कान अभियान के तहत जिलेभर में जारी कार्यक्रम
बुरहानपुर पुलिस द्वारा पूरे माह नवंबर में विभिन्न विद्यालयों और सामुदायिक संस्थानों में ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रत्येक कार्यक्रम में स्थानीय थाना प्रभारी और शिक्षण संस्थान मिलकर बच्चों को सुरक्षा, कानून और सामाजिक मूल्यों से अवगत करा रहे हैं।
🧩 महत्वपूर्ण तथ्य: क्यों ज़रूरी है ‘मुस्कान अभियान’?
विषय उद्देश्य 👧 गुम बालिकाओं की दस्तयाबी बच्चों को उनके परिवार से मिलाना 📚 जागरूकता शिक्षा सुरक्षा और आत्म-सम्मान की भावना विकसित करना 💻 साइबर सुरक्षा बच्चों को डिजिटल खतरों से बचाना 👮 पुलिस–जन संवाद भरोसेमंद पुलिसिंग को बढ़ावा देना
सामाजिक प्रभाव
अनुभव (Experience):
यह कार्यक्रम सीधे पुलिस अधिकारियों के अनुभव पर आधारित था, जो बच्चों के वास्तविक जीवन से जुड़ा है।विशेषज्ञता (Expertise):
सायबर विशेषज्ञों और पुलिस टीम द्वारा तकनीकी जानकारी दी गई।अधिकारिता (Authoritativeness):
कार्यक्रम का नेतृत्व स्वयं पुलिस अधीक्षक ने किया, जिससे इसकी विश्वसनीयता और बढ़ी।विश्वसनीयता (Trustworthiness):
बच्चों को भरोसेमंद हेल्पलाइन और सुरक्षित रिपोर्टिंग प्रणाली की जानकारी दी गई।